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बरेली दरगाह आला हज़रत के मौलाना तौक़ीर रज़ा खां आए तब्लीग जमात के समर्थन मे
April 4, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

बरेली दरगाह आला हज़रत के मौलाना तौक़ीर रज़ा खां आए तब्लीग जमात के समर्थन मे

मौलाना ने कहा जब मरकज़ ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने क्यों की लापरवाही, सरकार सभी मोर्चो पर फेल हो चुकी, अब इसका ठीकरा मुसलमानो पर फोड़ना चाहती है..

लखनऊ, 04 अप्रैल 2020, कोरोना वायरस चाइना के वुहान से आज पूरी दुनिया में फैल चुका है, इस बात को सभी जानते हैं, और हर देश में कोरोना से बचाव पर संघर्ष जारी है भारत देश में भी लॉकडाउन कर नागरिकों को घर में रहने पर हर मुमकिन प्रयास किए जा रहें हैं और ऐसे में देश का हर नागरिक देश को बचाने में साथ दे रहा है यहां तक कि मुस्लिम समुदाय ने मस्जिदों में नमाज न पढ़कर घरों में नमाज खासतौर से जुमें की नमाज भी घरों में जुहर के रूप में अदा कर रहें हैं इसी तरह से हिंदू, सिख ईसाई भी अपने अपने घरों में पूजा पाठ कर रहें हैं। सभी धर्म के लोग कोरोना की इस लड़ाई में अपनी भूमिका निभा रहें है। वहीं दूसरी तरफ देश की मीडिया न्यूज चैनलों के माध्यम से मुसलमानों के खिलाफ दिखाया जा रहा है कि कोरोना मुसलमानों से आया है, कोरोना मुसलमानों की जमात से फैल रहा है मुसलमान की जमात ही इस आपदा का कारण है। इसी के चलते बरेली के मौलाना ने मीडिया और शासन प्रशासन, को करारा जवाब दिया, बरेली दरगाह आला हज़रत के मौलाना तौक़ीर रज़ा खां ने तब्लीग जमात के समर्थन मे निजामुद्दीन मरकज को लेकर सामने आए और कहा कि इस वक़्त कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के बजाय मुसलमानो पर इलज़ाम तराशी करने का काम किया जा रहा है।

 हम अपनी जान दे देते लेकिन जुमा कुर्बान नहीं करते, इस मुश्किल वक्त में मुल्क के लिए मुसलमानों ने ये कुर्बानी दी और हुकूमत का साथ दिया..

कोरोना के बाद जो हालात मुल्क में हुए हैं मुझे ऐसा लगता है कि शायद सरकार को भी अपनी गलतियों का एहसास हो गया है, लेकिन इस वक्त सरकार का मुसलमान को लेकर दबाव बनाना, तबलीगी जमात को टारगेट करने वाला जो वाकया सामने आया और मीडिया का रवैया दिखा उसके बाद मुझे ये महसूस हुआ, ऐसा लगा कि अभी ये लोग अपने पुराने समय पर काम है और उसी पर बरकरार है, पुरानी सियासत का तरीका इन्होंने नही बदला है। जबकि हिंदुस्तान में क्या बल्कि पूरी दुनिया में इस्लाम में कहीं ऐसी कोई तारीख में नही मिलेगा जो मुसलमानों ने जुमें की कुर्बानी दी हो, लेकिन कोरोना के चलते देशहित में मुसलमानों ने जुमा घर में पढ़ रहें हैं, इससे ज्यादा कुर्बानी मुसलमान नहीं दे सकता अपने मुल्क में अपने देशवासियों के लिए तमाम मुसलमानों ने कुर्बानी दी है जुम्मे की बजाय अपने अपने घरों में जोहर की नमाज पढ़ने लगे। लेकिन इनका रवैया मैंने अभी भी वही देखा। आगे बताया कि मै किस प्रधानमंत्री से बात करूं, जो हुकूमत भेदभाव के नाम पर काम कर रही है। 

मौलाना ने कहा जब मरकज़ ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने क्यों की लापरवाही..

मौलाना तौकीर रजा ने आगे बताया कि बेशक तबलीगी जमात से हमारा इख्तिलाफ है लेकिन इसके बावजूद जो मैंने समझा और गौर किया कि जमात वालों की कोई भी गलती नहीं है, दिल्ली निजामुद्दीन मरकज में मेहमान आते रहें हैं और इसकी पूरी जानकारी पहले से ही इंटेलिजेंट को मालूम थी, उनकी लिस्ट बराबर जाती रही है बल्कि केंद्र मंत्रालय से लेकर प्रशासन को भी इसकी जानकारी पहले से ही थी। लॉकडाउन के बाद निजामुद्दीन मरकज के ज़िम्मेदारो ने मेहमानों के भेजने की बात लिखित में स्वयं प्रशासन को देकर अवगत भी कराया गया, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने कोई इंतिजाम नहीं किया कहा जब मरकज़ ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने लापरवाही क्यों की..

मौलाना ने कहा सरकार सभी मोर्चो पर फेल हो चुकी है और अब इसका ठीकरा मुसलमानो पर फोड़ना चाहती है।

हुकूमत मुसलमानों को निशाना बनाकर उनको बदनाम करना चाहती है। हुकूमत कोरोना की आड़ में अपने फायदे हासिल करने की कोशिश कर रही है, इनकी सरकार के चलते देशवासियों के आर्थिक और देश व प्रदेश की नाकामियों को कोरोना के ऊपर रखकर पलड़ा झाड़ने का काम कर रही है, मौलाना ने कहा सरकार सभी मोर्चो पर फेल हो चुकी है और अब इसका ठीकरा मुसलमानो पर फोड़ना चाहती है। 

हुकूमत से इतना कहना चाहता हूं कि अल्लाह के वास्ते अगर चाहते हो कि कोरोना दुनिया से खत्म हो जाए तो अपने आप को ईमानदार कर लो..

इस समय हम इस हुकूमत से इतनी बात कहना चाहता हूं कि अल्लाह के वास्ते अगर चाहते हो कि कोरोना दुनिया से खत्म हो जाए तो अपने आप को ईमानदार कर लो, हुकूमत के ऊपर सभी की ज़िम्मेदारी होती है एक सौ तीस करोड़ को बांटने का काम हुकूमत का नही होता है बल्कि सभी को एक नजर से देखकर सभी की हिफाजत करने का काम सरकार का होता है। इस मुश्किल वक्त में मुसलमान आपका साथ देने के लिए तैयार खड़ा हुआ है, हम अपनी जान दे देते लेकिन जुमा कुर्बान नहीं करते, इस मुश्किल वक्त में मुल्क के लिए ये कुर्बानी दी और आपका साथ दिया, अब आपसे भी यही उम्मीद है कि आप सभी के साथ इंसाफ करें और अपने तरीके को दुरुस्त करें।

रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी