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द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की ओर से किया जाएगा प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन
January 12, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

 

द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा द्वारा आज दिनाँक 12/1/2020 को खेल गांव दयालबाग पर सुबह 9 बजे से सदस्यों एवं उनके परिवारीजनों हेतु प्राकृतिक चिकित्सा पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

आगरा। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की शाखा द्वारा विगत दिनाँक 11/1/2020 को शाम 5 बजे से शाखा कार्यालय, ब्लॉक 77, संजय प्लेस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उदघाटन शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए एस. सी. जैन, उपाध्यक्ष सीए शरद पालीवाल, सचिव सीए आशीष जैन,  कोषाध्यक्ष सीए गौरव बंसल, कार्यकारिणी सदस्य सीए दीपिका मित्तल एवं वक्ता सीए सौरभ अग्रवाल द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में जीएसटी ऑडिट फॉर्म 9c पर वक्ता सीए सौरभ अग्रवाल द्वारा सीए सदस्यों का मार्गदर्शन किया गया।

वक्ता सीए सौरभ अग्रवाल ने जीएसटी कानून में पहली बार दाखिल किए जाने वाले वार्षिक रिटर्न एवं जीएसटी ऑडिट में सीए को दी गई जिम्मेदारियां एवं कार्यभार पर जीएसटी विशेषज्ञ सीए सौरभ अग्रवाल ने विस्तृत कानून विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि जीएसटी कानून तथा इसके नियमों का पालन धरातल पर सही से क्रियान्वयन हो सके इसकी बड़ी जिम्मेदारी सीए को दी गई है। सरकार द्वारा दी गई इस बड़ी जिम्मेदारी का निर्वाह पूरी ईमानदारी व निष्ठा से करना होगा। क्यूँकि वार्षिक रिटर्न एवं जीएसटी ऑडिट रिपोर्ट को रिवाइज करने का कोई अधिकार नहीं है।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु रहे.....

1: वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31/1/2020 है। इसके बाद धारा 47 में 200 रुपए प्रतिदिन की लेट फीस का प्रावधान है।

2: वार्षिक रिटर्न न भरने पर जीएसटी कानून की धारा 125 में 25 हजार रुपए तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है।

3: वित्तीय वर्ष में "एग्रीगेट टर्नओवर" यदि दो करोड़ से अधिक है तो जीएसटी ऑडिट सीए द्वारा कराना अनिवार्य है। जीएसटी R-9 में दर्ज आंकड़ों को किताबों से मिलान कराने के दायित्व सीए पर होगा।

4: जीएसटी कानून में "एग्रीगेट टर्नओवर" की परिभाषा आयकर के टर्नओवर से काफी विस्तृत है। इसमें कैपिटल एकाउंट में जमा किया गया किराया, ब्याज, चल संपत्ति का विक्रय मूल्य आदि शामिल करना होगा।

5: इस रिटर्न को भरने से पहले जुलाई 17 से मार्च 18 तक के समस्त रिटर्न अनिवार्य रूप से भरने होंगे, अन्यथा वार्षिक रिटर्न नहीं भर पाएंगे।

6: यदि रिटर्न भरते समय कोई अतिरिक्त कर देय निकलता है तो उसका भुगतान फॉर्म डीआरसी-03 से कर सकते हैं। इस कर का भुगतान केवल नगद में ही करना होगा। क्रेडिट लेजर का उपयोग बाधित है।

7: वार्षिक रिटर्न में सम्बंधित अवधि की छूटी हुई आईटीसी क्लेम करने का कोई विकल्प नहीं है। यह विकल्प 23/4/2019 को समाप्त हो चुका है।

8: विक्रेता द्वारा अपलोड किए गए खरीद/खर्चों के बिलों व उस पर अर्जित आईटीसी के आंकड़े  स्वतः ही फॉर्म-9 के कॉलम 8 में भरे जाएंगे, जिसे घोषित आंकड़ों से मिलान कराने की जिम्मेदारी सीए की होगी।

9: सप्लायर को 180 दिन में भुगतान नहीं किया गया है तो नियम -37 के अनुसार प्राप्तकर्ता को आईटीसी अनुमन्य नहीं होगी। अर्जित आईटीसी को इनवॉइस की दिनाँक से 18 प्रतिशत की ब्याज सहित चुकाना होगा।

कार्यशाला का संचालन शाखा कोषाध्यक्ष सीए गौरव बंसल द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन शाखा सचिव सीए आशीष जैन द्वारा दिया गया।

कार्यशाला में मुख्य रूप से सीए रामलाल अग्रवाल, सीए वीरेन्द्र अग्रवाल, सीए मृदुल गर्ग, शरद मंगल, सीए अविरल अग्रवाल, सीए रविन्द्र गोयल, सीए लोकेश गर्ग, सीए प्रवीन भोजवानी, सीए दिलीप गुप्ता, सीए चमन गुप्ता आदि की मौजूदगी रही।

नितिन शुक्ला