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दुनिया में भय का वातावरण बना कोरोना वायरस, चीन से फैला हजारों मौत का बना सबब
February 15, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

दुनिया में भय का वातावरण बना कोरोना वायरस, चीन से फैला हजारों मौत का बना सबब

लखनऊ । इस समय कोरोना वायरस चीन में महामारी का रूप ले चुका है। वहां सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग इस वायरस की चपेट में आकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। चीन में कोरोना वायरस के कहर से मरने वालों की संख्या 1500 से भी ज़्यादा हो गई है और 52000 इसकी चपेट में कुल 60 हज़ार मामले सामने आए हैं, अब तक 22 देशों में इसके संदिग्ध मामले सामाने आ चुके हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इसे इमर्जेंसी घोषित कर चुका है, भारत में भी अब तक इसके तीन मामले सामने आ चुके हैं, स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है, दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है चीन से बाहर 22 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए, खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें। अभी तक इसकी कोई दवाई भी नहीं बनी हैं। अभी इस वायरस का स्रोत तो पता नहीं चला, लेकिन माना जा रहा है कि कोराना वायरस जानवरों के कारण फैल रहा है। चीन में के लोग हर जानवर का मांस खाते हैं, ऐसे में ये बीमारी वहां तेजी से फैल रही है। कोरोना वायरस से अब तक सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं, वहीं दुनिया भर के देशों में इस वायरस से पीड़ित होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है ।

हर तरह के जानवरों के मांस खाने से फैल रहा है कोरोना वायरस

 वैज्ञानिकों का मानना है कि ये वायरस चीनी शहर वुहान के समुद्री जीवों को बेचने वाले बाज़ार से निकला है, ये बाज़ार जंगली जीवों जैसे सांप, रैकून और साही के अवैध व्यापार के लिए चर्चित था, इन जानवरों को पिंजड़े में रखा जाता था और इनका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों और दवाइयों के रूप में किया जाता था, इस बाज़ार पर भी प्रतिबंध लग गया है, चीन दुनिया में जंगली जानवरों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है जहां ये व्यापार वैध और अवैध ढंग से चलाया जाता है, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ये वायरस इंसानों में आने से पहले किसी अन्य जानवर में गया होगा, जिसकी पहचान अब तक नहीं की जा सकी है, चीन में कुछ जानवरों को उनके स्वाद की वजह से खाया जाता है, वहीं कुछ जानवरों का इस्तेमाल पारंपरिक दवाओं में किया जाता है, चीन के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसे रेस्टोरेंट हैं जहां पर बैट सूप यानी चमगादड़ का सूप परोसा जाता है, इन सूप के कटोरों में आपको एक साबुत चमगादड़ मिलता है, कई सूपों में बाघ के अंडकोष और पाम सिवेट के शरीर के अंग शामिल होते हैं, भुना हुआ कोबरा सांप, भालू के भुने हुए पंजे, बाघ की हड्डियों से बनी शराब जैसी डिश महंगे रेस्त्राओं में पाई जाती है जानवरों को बेचने वाले कुछ बाज़ारों में कुत्ते, बिल्लियां, चूहे, सांप समेत कुछ दुर्लभ चिड़ियों की प्रजातियां भी बेची जाती हैं, कोरोना वायरस ने एक बार फिर चीन में जंगली जानवरों के धड़ल्ले से चल रहे व्यापार को सबके सामने ला दिया है, कोरोना वायरस फैलने के बाद चीनी सरकार ने वन्य जीवों के व्यापार पर फौरी तौर पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके, कोरोना वायरस के फैलने के बाद चीन के सरकारी मीडिया में छपी संपादकीय लेख जानवरों और उनके अंगों को लेकर जारी अनिंयत्रित व्यापार की निंदा करते नज़र आए हैं, कार्यशाला में डॉ अली ने बताया कि ये वायरस हवा में फैलता है, इसके प्रारंभिक लक्षण खांसी, कफ, बुखार, गले में खराश, सर दर्द जैसे हैं। कोरोना वायरस बचाव के उपाय व्यक्तिगत साफ सफाई का ध्यान रखें, हाथ को बार-बार साबुन पानी से अच्छी तरह धोएं, खांसते व छीकते समय मुंह पर रूमाल रखें, भीड़ वाले इलाकों में न जाएं, सांस लेने में तकलीफ या अन्य कोई लक्षण मिलने पर नजदीकी शासकीय चिकित्सालय में संपर्क करें।

चीन के राष्ट्रपति ने कुछ दिन पूर्व में कहा था कि कोई ताकत चीन को आगे बढ़ने से नही रोक सकती

अब सोचने और समझने की बात ये है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कुछ दिन पूर्व में कहा था कि कोई ताकत चीन को आगे बढ़ने से नही रोक सकती । मतलब ये हुआ कि चीन एक बहुत बड़ी ताकत है और वो सब कुछ कर सकती है लेकिन हकीकत और सच्चाई ये है कि दुनिया को बनाने और चलाने वाली एक बहुत बड़ी ताकत खुदा की है शायद ये बात हर कोई नहीं समझता, वक्त वक्त पर खुदा इसे समझाने के लिए अपनी कुदरत का इजहार करता रहता है जैसे दुनिया भर में भूकंप के झटके देकर, अलग अलग देशों में बरसात के जरिए पानी के बहाव से हजारों लोगों को तहस नहस करके तो कहीं जंगलों में आग के जरिए दर्जनों इंसानों की जान और करोड़ों जानवरों की मौत और फिर कोरोना जैसी बीमारी देकर हजारों लोगों की मौत के जरिए अपनी कुदरत दिखाता रहता है इसलिए इंसान को कभी भी खुदाई दावा और बड़े बोल नही बोलने चाहिए । काश कि हर इंसान एक इश्वर की उपासना करते हुए दूसरे इंसानों पर रहम करे और तमाम इंसानों की मदद करें और ईश्वर को ही बड़ा माने और खुद को छोटा समझे ।

रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी