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हरिकथा के दूसरे दिन उमड़ा जन सैलाब
December 12, 2019 • Tariq • धर्म-अध्यात्म

 

हरिकथा के दूसरे दिन उमड़ा जन सैलाब

जगतपुर (रायबरेली)
क्षेत्र के पंडित जालिपा प्रसाद विद्या मंदिर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित श्री हरि कथा के द्वितीय दिवस हजारो भक्तों का जनसैलाब उमडा।श्री आशुतोष महाराज जी के
शिष्य स्वामी श्री दिव्येश्वरानंद जी ने ईश्वर की महिमा का सचित्र वर्णन करते हुए बताया कि मनुष्य के जीवन की क्या विडंबना है,कि वह अपने छोटे-छोटे कर्तव्यों को ही लक्ष्य समझने की भूल कर बैठता है।जबकि उसे संसार के अंदर परमात्मा ने उसे ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा के समय अपने ही घट के भीतर परमात्मा के प्रकाश का दर्शन अथवा साक्षात्कार करने के लिए भेजा हैं ।स्वामी जी ने आगे बताया कि दिव्य जागृति संस्थान का मुकुट मणि लक्ष्य - "एक ऐसे विश्व को साकार करना जहां प्रत्येक इकाई आत्मदर्शन के सनातन विज्ञान ब्रह्मज्ञान द्वारा सत्य सद्भावना और न्याय की प्रतिमा बन जाए तथा जिनके प्रभाव से समस्त सामाजिक अपराधों व अतांको का मूलोछेदन हो पाए।"गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी का कथन है कि आज समाज श्रेष्ठ मनुष्यों को खो चुका है ।इसलिए दिव्य ज्योति जागृति संस्थान भारतीय संस्कृति के आधार अथवा मूल तत्व ब्रह्म ज्ञान को प्रदान कर श्रेष्ठ मनुष्यों का निर्माण कर रहा है ।जिससे श्रेष्ठ समाज की रचना की जा सके और इस कार्य को पूर्ण करने के लिए गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी एवं उनके करोड़ों शिष्य  साधक दृढ़ संकल्पित हैं।
स्वामी जी ने ईश्वर की दिव्य शरणागति की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिस समय विभीषण को रावण अपमानित कर अपने ही घर परिवार एवं नगरी से निष्कासित कर देता है ।तो विभीषण को समझ आता है कि संसार में ईश्वर के सिवा कोई दूसरा नहीं है। जो हमें सच्चा प्रेम प्रदान कर सकें इसलिए वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र प्रभु की करुणामय शरणागति को प्राप्त कर अपने जीवन को कृतार्थ करते हैं । स्वामी जी ने बताया विभीषण जीवात्मा के प्रतीक हैं,प्रभु श्री राम स्वयं ब्रह्म के द्योतक हैं एवं समुद्र भवसागर का प्रतीक है। जब जीव के जीवन में ठोकरें लगती हैं तभी उसके मन में परमात्मा प्राप्ति के लिए सच्ची तड़प वह वैराग्य की उत्पत्ति होती है।श्री हरिकथा का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के द्वारा किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री वंशबहादुर सिंह,दिनेश कुमार पांडे, डॉ.रामप्रकाश पाल एवं सुरेश नारायण पांडे प्रबंधक मौजूद रहे ।आयोजक मंडल में पुष्पेंद्र,समर बहादुर,रमेश,नीरज सिंह,दिनेश,जयकरन,मोनू  
नीरज कुमार,विपिन,आदि भक्तगण  उपस्थिति रहे।

रायबरेली सवांददाता मनीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट