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लखनऊ एयरपोर्ट पर फंसे 650 यात्रियों को पुलिस ने पहुंचाया उनके घर, दस बसें, तीस पीआरवी व पचास टैक्सियों से किया रवाना
March 26, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

लखनऊ एयरपोर्ट पर फंसे 650 यात्रियों को पुलिस ने पहुंचाया उनके घर, दस बसें, तीस पीआरवी व पचास टैक्सियों से किया रवाना

एयरपोर्ट पर सभी भूख-प्यास से परेशान थे पुलिस ने बच्चों व बुजुर्गों के खाने व पानी का इंतजाम किया रास्ते के लिए सभी को पानी की बोतल व बिस्कुट के पैकेट भी दिए

लखनऊ, 26 मार्च 2020, लॉकडाउन के कारण मंगलवार देर शाम से लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री पहुंच गए। प्रशासन ने प्री-पेड टैक्सी का इंतजाम किया था, लेकिन वह भी नाकाफी था। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। रात 8 बजे करीब 650 यात्री एयरपोर्ट पहुंच गए। उनके लिए कोई साधन नहीं था। इस पर पुलिस ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया। दो दर्जन से अधिक पीआरवी मंगाई, साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर बसों का इंतजाम किया गया। देर रात करीब 6 घंटे के विशेष ऑपरेशन के बाद लोगों को पुलिस ने घर भेजा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 8 बजे पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की। इसके बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों के लिए निकल पड़े। कुछ घरेलू उड़ाने अमौसी एयरपोर्ट पर देर शाम 5 बजे से आनी शुरू हो गई थीं। लेकिन वहां कोई सुविधा न होने के कारण यात्री अपने रिश्तेदारों को कॉल कर वाहन लाने को कह रहे थे। 
इसमें कुछ कामयाब हुए तो कई लोग एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे। रात 8 बजे तक एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या 650 हो गई। इससे स्थिति बिगड़ गई। प्रशासनिक स्तर पर किया गया प्री-पेड टैक्सी का इंतजाम भी फेल हो गया। 
इसके बाद रात को पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के निर्देश पर एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह, आलमबाग लालप्रताप सिंह, इंस्पेक्टर सरोजनीनगर आनंद कुमार शाही एयरपोर्ट पहुंचे।

30 पीआरवी सहित 90 वाहनों का किया इंतजाम..
पुलिस टीम ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात कर यात्रियों की सूची तैयार कराई। जरूरत के मुताबिक 90 वाहनों का इंतजाम किया। पहली बार पीआरवी ने पेट्रोलिंग छोड़ एक साथ बडे़ पैमाने पर यात्रियों को घर तक पहुंचाने का काम किया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर 10 रोडवेज बसें मंगाईं। इन वाहनों के बाद भी जरूरत पूरी नहीं हुई तो पास की एक ट्रेवेल एजेंसी से संपर्क कर 50 टैक्सियां मंगाईं। इसके बाद रात ढाई बजे तक सभी को उनके घर भेजा गया। इस दौरान पुलिस ने संक्रमण से बचाव व सुरक्षा के इंतजाम भी किए। लोगों को वाहनों में एक निर्धारित दूरी पर बैठाया।

बच्चों व बुजुर्गों के लिए खाने का इंतजाम..
एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक एयरपोर्ट पर दो से 10 साल उम्र के करीब 45 बच्चे थे। इतने ही बुजुर्ग महिला व पुरुष थे। हर तरफ लॉकडाउन होने के कारण खाने का कोई इंतजाम नहीं था। सभी भूख-प्यास से परेशान थे। पुलिस ने इन बच्चों व बुजुर्गों के खाने व पानी का इंतजाम किया। रास्ते के लिए सभी को पानी की बोतल व बिस्कुट के पैकेट दिए। 

हर बस में एक सिपाही.. एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक यात्रियों को पहुंचाने के लिए 10 बसों का इंतजाम किया गया। बसें उन्नाव, कन्नौज, कानपुर, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज, बस्ती, फैजाबाद, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, रायबरेली, सुल्तानपुर व प्रतापगढ़ के लिए भेजी गईं। हर बस में सुरक्षा के लिए एक-एक सिपाही तैनात किया गया। ताकि रास्ते में बस को किसी जगह रोका न जाए। वहीं 30 पीआरवी ने दो से तीन चक्कर लगाए।

रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी