ALL उत्तरप्रदेश विदेश राष्ट्रीय शिक्षा खेल धर्म-अध्यात्म मनोरंजन संपादकीय epaper
राशन के दुकान के चयन में हुई धांधली कायदे कानून को रखा गया ताक में
January 7, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

 

राशन के दुकान के चयन में हुई धांधली कायदे कानून को रखा गया ताक में
बिन्दकी/फतेहपुर... उत्तर प्रदेश  मैं योगी सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है जो देखने को मिल रही है मामला है फतेहपुर जिले के जाफर गंज थाना अंतर्गत मैं पढ़ने वाले गांव बंडवा गोंधइया का मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बंडवा में काफी अर्से से राशन की दुकान ज्योति तिवारी के नाम थी ।लेकिन कुछ शरारती तत्वों के द्वारा राजनैतिक का लाभ उठाते हुए ज्योति तिवारी के नाम की राशन की दुकान को निरस्त करवा दिया और फिर राजनैतिक मैं ऊंची पहुंच के कारण नियमों को ताक में रखकर कोटे चयन का आदेश जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी खजुहा से प्रस्ताव पारित करा लिया तब खंड विकास अधिकारी खजुहा ने एडीओ पंचायत को मौके में भेजकर कोटा चयन की कार्रवाई सुनिश्चित करवा दिया जिसमें बंडवा ग्राम के ग्राम सभा  सिजौली के प्रधान व एडीओ पंचायत खजुहा दोनों ने मिलकर ग्राम बंडवा से काफी दूरी पर स्थित ग्राम वसंत खेड़ा जो ग्राम सभा के अंतर्गत ही आता है वहां पर खुली बैठक एक स्कूल में करवाई जबकि नियम यह है कि जिस ग्राम का कोटा निरस्त किया जाता है उसी ग्राम में मुनादी कराकर कोटे का चयन करने का नियम है लेकिन एडीओ पंचायत खजुहा ने बताया की ग्राम सभा के अंतर्गत कहीं भी खुली बैठक बुलाई जा सकती है और कोटे का चयन किया जा सकता है ग्राम बंडवा के निवासी ने बताया कि हम लोगों को राशन की दुकान के चयन में वहां मौजूद पुलिसकर्मी लोग नहीं आने दिया और खुली बैठक में दबंगई देखने को मिली तथा गोंधइया के ग्राम के सरिता पत्नी गुड्डू सिंह का कोटा चयन कर दिया गया जिससे वहां पर मौजूद ग्रामवासी लोग खुलेआम पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाते मिले और एडीओ पंचायत खजुआ वह इनके साथ ग्राम प्रधान ने खुली बैठक कर पक्षपात का काम किया यह आरोप ग्रामवासी खुले तौर पर चैलेंज दे रहे थे और पुलिस प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे ग्राम वासियों ने बताया कि हम लोगों को कोटा चयन में अंदर आने से मना कर दिया तथा स्कूल का गेट बंद करवा कर गुड्डू सिंह की पत्नी  सरिता देवी के नाम कोटे का चयन कर दिया ग्राम वासियों ने कहा कि हम लोग इस चयन को नहीं मानते हैं इसकी शिकायत जिलाधिकारी महोदय से की जाएगी क्योंकि खुली बैठक का मतलब है कि सभी ग्रामवासी लोगों को सहयोग होना चाहिए और कोटा चयन में मत डालने का अवसर मिलना चाहिए जो ग्रामवासी लोगों को कोटा चयन में वंचित कर दिया गया है ऐसा लगता है कि एक जाति विशेष लोगों की दबंगई के आगे प्रशासन दी मौन दिखा ।

कलीम खान जहानाबाद सवांददाता