ALL उत्तरप्रदेश विदेश राष्ट्रीय शिक्षा खेल धर्म-अध्यात्म मनोरंजन संपादकीय epaper
रायबरेली में प्रॉपर्टी डीलरों की ठगी के शिकार पत्नी के बाद पति ने भी की सुसाइड
February 1, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

 

रायबरेली में प्रॉपर्टी डीलरों की ठगी के शिकार पत्नी के बाद पति ने भी की सुसाइड।

रायबरेली। उत्तर प्रदेश में रायबरेली के मिलएरिया क्षेत्र प्रॉपर्टी डीलरों की ठगी के शिकार एक व्यक्ति ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली जबकि कुछ दिन पहले इसी कारण उसकी पत्नी ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मिलएरिया इलाके के रतापुर गांव में प्रापर्टी डीलरों की ठगी से हताशा धर्मेन्द नामक व्यक्ति ने जहर खाकर आज आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि मृतक से तीन प्रॉपर्टी डीलरों ने प्लाट की रजिस्ट्री के लिए लाखों रुपए ले ले लिए थे और रजिस्ट्री के समय वे लोग पीड़ित को चकमा देकर फरार हो गए थे। जिसके चलते अवसाद और मानसिक तनाव से पीड़ित धर्मेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को जहर खा कर जान दे दी।
इसी ठगी से आहम तीन माह पूर्व उसकी पत्नी ने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।
उन्होंने बताया कि पीड़ित धर्मेंद्र सिंह मूल रुप से अमेठी के तिलोई इलाके के पाकर गांव का रहने वाला था। धर्मेंद्र सिंह ने जहर खाने के पहले मार्मिक और विवशता से भरा सुसाइड नोट पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा। उसने लिखे नोट में कहा कि प्रार्थी धर्मेंद्र सिंह पुत्र रामबहादुर निवासी जिला अमेठी रतापुर स्थित चमेला भवन में छोटा सा व्यापार करता है। एक मकान त्रिपुला महाराजगंज रोड जर्सी फार्म के सामने खरीदने का तय किया था। जिसमें प्रॉपर्टी डीलर विवेक, रामकुमार, शिवकांत विश्वकर्मा द्वारा उनके साथ ठगी की गई।
उसने अपनी जमीन बेच कर घर लेना चाहा तीनों प्रॉपर्टी डीलरों को 39 लाख 60 हजार दे दिया था। पैसा लेने के बाद ना तो वह मकान दे रहे हैं और न ही उसे पैसा वापस कर रहे हैं। पैसा मांगने पर वे लोग उसे धमकी दे रहे थे। सुसाइड नोट में लिखा है ऐसी परिस्थितियों में वह आत्महत्या को मजबूर हैं। उसी पत्र में उसने इलाके के विधायक से अनुरोध किया है इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करवाएं और उसके बच्चों को को न्याय दिलवाए। धर्मेन्द्र के दो बच्चे हैं।
उसके बड़े बेटे के मुताबिक उसके पिता ने सारी प्रापर्टी बेचकर चालीस लाख रुपए में एक जमीन खरीद रहे थे। उसके पिता ने आरटीजीएस से पैसे दिए थे और तीनों आरोपी रजिस्ट्रार आफिस से चकमा देकर भाग गए। बाद में आरोपियों ने उसके पापा को लखनऊ में तीन चेक दिए। बैंक में लगाए तो तीनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद धर्मेन्द्र ने मुकदमा किया तो आरोपी गाली गलौज करते और धमकी देते थे। धर्मेन्द्र के पुत्र ने बताया कि इसी कारण 15 अक्टूबर को उसकी मां ने सुसाइड कर लिया था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।


त्रिलोकी नाथ 
अमावां रायबरेली