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सपा नेता ने राजधानी में चौराहे पर लगवाई बलात्कारी कुलदीप सेंगर और चिन्मयानंद की होर्डिंग
March 13, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

उच्चन्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी सरकार होर्डिंग नहीं हटा रही है तो ये लीजिए फिर

लखनऊ, 13 मार्च 2020 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएए हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगवाने के मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है, इसी कड़ी में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता आईपी सिंह ने राजधानी लखनऊ की सड़कों पर होर्डिंग्‍स लगा दी है, इसमें आईपी सिंह ने उन BJP नेताओं की तस्वीरें लगा दी हैं, जो रेप के आरोपी हैं, दरअसल गुरुवार देर रात सपा नेता आईपी सिंह ने दुष्कर्म मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद और दुष्कर्म के ही आरोप में सजा काट रहे भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर का बैनर लोहिया पार्क चौराहे पर लगवा दिया है। यह बैनर ठीक उसी जगह लगा है जहां उपद्रव के आरोपियों का विवादित पोस्टर लगा हुआ है। हालाकि शुक्रवार की सुबह तक पुलिस द्वारा बलात्कारियों के पोस्टर हटा दिए गए है ।सपा नेता ने ट्वीट करके होर्डिंग लगाने की जानकारी दी, आईपी सिंह ने लिखा, 'जब प्रदर्शनकारियों की कोई निजता नहीं है और हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी योगी सरकार होर्डिंग नहीं हटा रही है तो ये लीजिए फिर.' उन्होंने कहा कि लोहिया चौराहे पर मैंने भी कुछ कोर्ट द्वारा नामित अपराधियों का पोस्टर जनहित में जारी कर दिया है, इनसे बेटियां सावधान रहें,जब प्रदर्शनकारियों की कोई निजता नहीं है और उच्चन्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी योगी सरकार होर्डिंग नहीं हटा रही है तो ये लीजिए फिर। लोहिया चौराहे पर मैंने भी कुछ कोर्ट द्वारा नामित अपराधियों का पोस्टर जनहित में जारी कर दिया है, इनसे बेटियाँ सावधान रहें। सपा ने जो पोस्टर लगाया है उस पर दोनों आरोपियों सेंगर और चिन्मयानंद की तस्वीर भी लगी है। इस सबसे ऊपर लिखा है, 'ये हैं प्रदेश की बेटियों के आरोपी, इनसे रहें सावधान'। इसके बाद इस पोस्टर पर सबसे नीचे लिखा है, 'बेटियां रहें सावधान, सुरक्षित रहे हिंदुस्तान'।

उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील किया था, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ में लगे 57 हिंसा के आरोपियों के पोस्टर हटाने का आदेश दिया था, हालांकि, योगी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली, शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश पर कोई अंतरिम आदेश दिए बिना ही उसे बड़ी पीठ के हवाले कर दिया, बता दें लखनऊ में 19 दिसंबर 2019 को सीएए प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले 57 उपद्रवियों के कई चौराहे पर तस्वीरें लगी हैं. मामले में 1 करोड़ 55 लाख की वसूली आदेश हुआ है ।

रिपोर्ट @ आफाक अहमद मंसूरी