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तेज तर्रार सर्कल ऑफिसर विनीत सिंह का 6 माह में दूसरी बार तबादला
January 3, 2020 • Tariq • उत्तरप्रदेश

 

तेज तर्रार सर्कल ऑफिसर विनीत सिंह का 6 माह में दूसरी बार तबादला।

रायबरेली: चाहे रायबरेली जिले का बहुचर्चित आदित्य सिंह हत्याकांड रहा हो, या फिर सिस्टम को हाईजैक करके जनता को नकली जीरा मिला रहे वह सौदागर, जिनका लाखों के नकली जीरा माल का भंडाफोड़ सर्किल ऑफिसर विनीत सिंह के द्वारा किया गया, न जाने कितने लोगों को नकली जीरा खिला रहे सौदागरों की सर्किल ऑफिसर विनीत कुमार सिंह की कार्यवाही ने कमर टोड़ कर रख दी थी।
कहते हैं! सिस्टम में यदि कोई ईमानदारी से काम करता है तो, उसके एवज में उसके तबादले होते हैं लेकिन यह कभी खुलकर नहीं आता है कि, क्या वाकई ऐसा होता है। उसकी वजह विभाग में सुरक्षा के ऐतिहातन या फिर पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ऐसे बहाने बताए जाते हैं, लेकिन यह सारे बहाने फीके पड़ जाते हैं जब बुद्धिजीवी वर्ग कार्यवाही को एक झटके में समझ लेता है।

विनीत सिंह की एकाएक कार्यवाही में पकड़ा गया था महराजगंज क्षेत्र का नकली जीरा

अपने बुद्धि विवेक और खुफिया नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए सर्किल अफसर विनीत सिंह ने अब तक के सबसे बड़े कांड का भंडाफोड़ किया। जिसके जरिए समाज में यह संदेश गया कि, पुलिस हर एक हरकत पर नजर रखे हुए हैं। काबिल अफसर जनपद में है जो जनता को नकली सामान नहीं खाने देंगे, उन्हें कार्यवाही करने से कोई भी नहीं रोका जा सकता, जनता के लिए जिस वर्दी को उन्होंने धारण किया है उसे वह फर्ज के साथ निभाएंगे।
यह तो सच बात थी कि, इतना बड़ा नेटवर्क जिसके जरिए नकली जीरे का कारोबार चल रहा था। ना जाने कितने कुंतल नकली जीरा मार्केट में होगा, लेकिन इसकी खबर किसी को नहीं थी। लेकिन अपने विश्वासपात्र सूत्रों और खुफिया नेटवर्क के जरिए विनीत सिंह को यह जानकारी जब लगी तो, उन्होंने कार्यवाही करने में देर नहीं की और गैरकानूनी तरीके से क्षेत्र में फल-फूल रहे इस अवैध कारोबार को उन्होंने एक झटके में खत्म कर दिया। लेकिन उनकी इस कार्यवाही से शायद कुछ सत्ताधारी नेता खुश नहीं थे और शायद उसी के एवज में उनका ट्रांसफर महराजगंज से सलोन कर दिया गया।

अवैध कारोबारियों में था डर का माहौल शारदा नहर में बह रही थी नकली जीरा से भरी बोरियां

यह विनीत सिंह के कार्यवाही का ही नतीजा था कि, नकली जीरा के सौदागर बोरियों को शारदा नहर में फेंक चुके थे। अवैध सौदागरों के दिल में कानून की दहशत घर जमा चुकी थी। नहर में बोरियां देखी गई बाद में खोलकर देखा गया तो सामने आया कि, वह नकली जीरा ही था। लेकिन उसके एवज में उनके साथ क्या किया गया वह जनपद वासियों ने देखा। पुलिस अधीक्षक तबादले को भले ही कानून व्यवस्था का हवाला दे रहे हो, लेकिन उनकी ईमानदारी से की गई इस कार्यवाही से आहत कुछ सत्ताधारी लोग जरूर थे। क्योंकि जिस अफसर को नवाजा जाना चाहिए था, उसका तबादला कर दिया गया, यह समझ से परे है।

आदित्य सिंह हत्याकांड के खुलासे में निभाई थी मुख्य भूमिका

जनपद का बहुत चर्चित हत्याकांड जिससे समूचा जनपद दहल गया था उसको भी खोल कर रख देने का काम सर्किल अफसर विनीत सिंह ने ही किया था। एक-एक अभियुक्त देश व प्रदेश में भाग चुके अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार करने का काम उनके ही बुद्धि विवेक से हुआ था, हर एक गुनहगार जेल में है। तो इससे भी आप अंदाजा लगा सकते हैं ईमानदारी से काम करने वाले किसी भी अफसर के साथ क्या होता है। सवाल तो यह भी उठता है कि, क्या ईमानदारी से काम करना मौजूदा सरकार में गुनाह हो गया है ?

त्रिलोकी नाथ
 अमावां रायबरेली